The history of Cameras And What Is Camera Obscura ? ( In Hindi )

photography history in hind,

Photography :- photography ग्रीक भाषा के 2 शब्दों को मिला कर बना है। Photo (प्रकाश) + Graphos ( चित्र, बिंदु रेखा)

पहला फ़ोटोग्राफ़र —-> चीनी साहित्यकार मो ती 5वी सदी में माना जाता है ।
पहला कैमरा :——> obscura camera (ऑब्स्कूरा कैमरा)
वेज्ञानिक :—- ibn-al-haytham ( अब्न- अल- हेथम) , ibn-al-haytham, ibn al haytham, haytham, First Muslim Scientist

* दिवारनुमा एक बड़ा डब्बा बना कर उसकी दिवार पर छेद करके यह कैमरा बनाया गया था ।
* लियोनार्डो दा विंचि ने ऑब्स्कूरा कैमरे पर शोध किया ओर इसका विकास किया था।
* 1665 में ऑब्स्कूरा कैमरे का छोटा रूप विकसित किया ।
* 1558 में कैमरे के लिए उतल लेंस का प्रयोग प्रारम्भ हो गया था।
* 1826 में फ़्रान्स के जोसफ़ में सबसे पहले प्रकाश द्वारा स्थाई चित्र का निर्माण किया था। इस प्रक्रिया द्वारा निर्मित चित्रों को hellograph (सुर्य द्वारा चित्र) कहा गया है.
* 1839 में टॉलबॉट ने काग़ज़ की negative image से दूसरे काग़ज़ पर पर उसका positive photograph बनाया था। सर जॉन हर्शल ने इसे नगेटिव- पॉज़िटिव का नाम दिया था ।
* 1841 में टॉलबॉट ने अपने अविष्कार का पेटंट करवाया था।
* 1844 में ‘दी पेन्सल ऑफ़ नेचर’ नाम की पुस्तक लिखी जिसमें वास्तविक फ़ोटोग्राफ़ लगाए गये थे।
* 1880 में ज़ोर्ज ईस्टमेन प्रथम रोल फिल्म व छोटे बॉक्स कैमरे का निर्माण किया था।
* 1888 में जोर्ज ईस्टमेन में कोडैक बॉक्स कैमरे का निर्माण किया था ।
* 1907 में लूमीरे बन्दुओ ने प्रथम व्यसायिक रंगीन फ़िल्म का निर्माण किया था।

* प्रथम 35 mm कैमरा ‘लिसिया’ का निर्माण 1924 में आस्कर वारनेक ने किया था ।
* पथम रंगीन फोटोग्राफ का निर्माण सर जेम्स क्लार्क मैक्सवेल ने 1861 में किया था.
* पोलो राइड कैमरा :- 1947 में डॉ एडविन एच ने अविस्कार किया था। इसमें तत्काल (तुरन्त) चित्र मिल जाते थे ओर ये चित्र ब्लैक एंड वाइट होते थे।
* 1849 में कोलकाता में पहले फ़ोटो स्टूडीओ की नीव रखी गयी थी। 1850 में दूसरा स्टूडीओ मुंबई में खोला गया ।
* 1856 में बंगाल फ़ोटोग्राफ़ी सोसाइटी की स्थापना की गयी थी । जयपुर के महाराजा सवाई रामसिंह द्वितीय आजीवक संरक्षक बने ।
* 1867 में फ़ोटो ग्राफ़र समुअल बोर्ने ने चार्ल्स शेफ़र्ड के साथ मिलकर कोलकाता में फ़ोटो स्टूडीओ खोला था। ओर फिर 1870 में भी इन दोनो ने बोर्ने एंड शेफ़र्ड नाम से स्टूडीओ खोला था ।
* 1880 में ‘टी मूर्ति’ को जयपुर के महाराजा रामसिंह द्वितीय को फ़ोटो ग्राफ़र नियुक्त किया गया ।
* 1894 में लाला दीन दयाल ओर उनके पुत्र ( ज्ञानचंद ओर धर्मचंद ) ने सिकंदराबाद में अपना व्यवसायिक फ़ोटो स्टूडीओ बनाया था ।
* 1896 में मुंबई में लाला दीन दयाल एंड संस फ़ोटो स्टूडीओ की स्थापना की गयी थी.

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Neeraj Sharma

हेलो दोस्तो, मेरा नाम नीरज शर्मा है। मैं नारनौल (हरियाणा) से हूँ। मैं इंटरनेट बहुत ज्यादा use करता हु। ओर नेट पर जो भी पढ़ता हूं वो दोस्तो के साथ शेयर करता था। फिर मैंने कुछ टाइम पहले ब्लॉग के बारे में पढ़ा और तब मुझे फील हुआ कि मुझे भी ब्लॉग बना कर जरूरी जानकारी सबके साथ शेयर करनी चाहिए ।

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